वो वक़्त गुजर गया..... ना तुम रहे ना हम रहे
तेरा तू जाने, मेरे बुरे दिन गुजर गए
वो लम्हे जो तुझको दिए, वो शिकवा जो तुझसे किये
अब न वो लम्हे रहे, अब न वो शिकवे रहे
वो वक़्त गुजर गया..... ना तुम रहे ना हम रहे
अब चैन पाया रूह ने , जब चैन खो बेचैन हुए
ख्वाब जो टूटे सभी, है राह में बिखरे हुए
वो वक़्त गुजर गया.... ना तुम रहे ना हम रहे
था हमसफ़र बनाना तेरा, ना हो सके तुम तो मेरे
पीछे तेरी थी दरिंदगी, हम बंदगी करते रहे
वो वक़्त गुजर गया..... ना तुम रहे ना हम रहे
रूह मेरी तड़पेगी, पर तुझको न चाहेगी कभी
तड़पेगी तू भी एक दिन, जब होश आएगी तेरी
ढूंढेगी दीवाना बनकर , फिर ना मुझको पाओगी
वो वक़्त गुजर गया...ये गाती ही रह जाओगी॥
Tuesday, February 16, 2010
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Real Good One :)
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